॥ श्रीहरिः ॥
अष्टादशमसंग्रामे आगामिनि तदन्तरा।
नारदप्रेषितो वीरो यवनः प्रत्यदृश्यत॥ ४४
aṣṭādaśamasaṃgrāme āgāmini tadantarā|
nāradapreṣito vīro yavanaḥ pratyadṛśyata|| 44
अर्थ
जिस समय अठारहवाँ संग्राम छिड़नेहीवाला था, उसी समय नारदजीका भेजा हुआ वीर कालयवन दिखायी पड़ा॥ ४४॥
अष्टादशमसंग्रामे आगामिनि तदन्तरा।
नारदप्रेषितो वीरो यवनः प्रत्यदृश्यत॥ ४४
जिस समय अठारहवाँ संग्राम छिड़नेहीवाला था, उसी समय नारदजीका भेजा हुआ वीर कालयवन दिखायी पड़ा॥ ४४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.50.44 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 450) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/50/44/