श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.52.9

दशम स्कन्ध · अध्याय 52 · अथ द्विपञ्चाशत्तमोऽध्यायः

पलायमानौ तौ दृष्ट्वा मागधः प्रहसन् बली।

अन्वधावद् रथानीकैरीशयोरप्रमाणवित्॥ ९

palāyamānau tau dṛṣṭvā māgadhaḥ prahasan balī|

anvadhāvad rathānīkairīśayorapramāṇavit|| 9

अर्थ

जब महाबली मगधराज जरासन्धने देखा कि श्रीकृष्ण और बलराम तो भाग रहे हैं, तब वह हँसने लगा और अपनी रथ-सेनाके साथ उनका पीछा करने लगा। उसे भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीके ऐश्‍वर्य, प्रभाव आदिका ज्ञान न था॥ ९॥✎ 1685

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1685 पंक्तिके अन्तका योजक-चिह्न: धरती-पर → धरतीपर

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