इस बार हमारे शत्रुओंकी ही जीत हुई, क्योंकि काल उन्हींके अनुकूल था। जब काल हमारे दाहिने होगा, तब हम भी उन्हें जीत लेंगे’॥ १६॥
रिपवो जिग्युरधुना काल आत्मानुसारिणि।
तदा वयं विजेष्यामो यदा कालः प्रदक्षिणः॥ १६
इस बार हमारे शत्रुओंकी ही जीत हुई, क्योंकि काल उन्हींके अनुकूल था। जब काल हमारे दाहिने होगा, तब हम भी उन्हें जीत लेंगे’॥ १६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.54.16 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 475) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/54/16/