भगवान् श्रीकृष्णने सब लोगोंको बाहर ही बिठा दिया और अकेले ही घोर अन्धकारसे भरी हुई ऋक्षराजकी भयंकर गुफामें प्रवेश किया॥ १९॥✎ 2114
ऋक्षराजबिलं भीममन्धेन तमसाऽऽवृतम्।
एको विवेश भगवानवस्थाप्य बहिः प्रजाः॥ १९
भगवान् श्रीकृष्णने सब लोगोंको बाहर ही बिठा दिया और अकेले ही घोर अन्धकारसे भरी हुई ऋक्षराजकी भयंकर गुफामें प्रवेश किया॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.56.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 488) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/56/19/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)