अर्जुनने जाकर भगवान् श्रीकृष्णसे सारी बातें कहीं। वे तो पहलेसे ही यह सब कुछ जानते थे, अब उन्होंने कालिन्दीको अपने रथपर बैठा लिया और धर्मराज युधिष्ठिरके पास ले आये॥ २३॥
तथावदद् गुडाकेशो वासुदेवाय सोऽपि ताम्।
रथमारोप्य तद् विद्वान् धर्मराजमुपागमत्॥ २३
अर्जुनने जाकर भगवान् श्रीकृष्णसे सारी बातें कहीं। वे तो पहलेसे ही यह सब कुछ जानते थे, अब उन्होंने कालिन्दीको अपने रथपर बैठा लिया और धर्मराज युधिष्ठिरके पास ले आये॥ २३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.58.23 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 499) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/58/23/