श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.59.17

दशम स्कन्ध · अध्याय 59 · अथैकोनषष्टितमोऽध्यायः

यानि योधैः प्रयुक्तानि शस्त्रास्त्राणि कुरूद्वह।

हरिस्तान्यच्छिनत्तीक्ष्णैः शरैरेकैकशस्त्रिभिः॥ १७

yāni yodhaiḥ prayuktāni śastrāstrāṇi kurūdvaha|

haristānyacchinattīkṣṇaiḥ śarairekaikaśastribhiḥ|| 17

अर्थ

परीक्षित्! भौमासुरके सैनिकोंने भगवान्‌पर जो-जो अस्त्र-शस्त्र चलाये थे, उनमेंसे प्रत्येकको भगवान्‌ने तीन-तीन तीखे बाणोंसे काट गिराया॥ १७॥✎ 2115

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #2115 यूनिकोड-रूप (अक्षर वही): डि़ → ड़ि

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