श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.61.11

दशम स्कन्ध · अध्याय 61 · अथैकषष्टितमोऽध्यायः

श्रीभानुः प्रतिभानुश्‍च सत्यभामात्मजा दश।

साम्बः सुमित्रः पुरुजिच्छतजिच्च सहस्रजित्॥ ११

śrībhānuḥ pratibhānuśca satyabhāmātmajā daśa|

sāmbaḥ sumitraḥ purujicchatajicca sahasrajit|| 11

अर्थ

सत्यभामाके भी दस पुत्र थे—भानु, सुभानु, स्वर्भानु, प्रभानु, भानुमान्, चन्द्रभानु, बृहद्भानु, अतिभानु, श्रीभानु और प्रतिभानु। जाम्बवतीके भी साम्ब आदि दस पुत्र थे—साम्ब, सुमित्र, पुरुजित्, शतजित्, सहस्रजित्, विजय, चित्रकेतु, वसुमान्, द्रविड और क्रतु। ये सब श्रीकृष्णको बहुत प्यारे थे॥ १०—१२॥

यह अर्थ श्लोक 10–12 का एक साथ है, जैसा मुद्रित ग्रन्थमें।

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