बाणासुरकी ओरसे साक्षात् भगवान् शंकर वृषभराज नन्दीपर सवार होकर अपने पुत्र कार्तिकेय और गणोंके साथ रणभूमिमें पधारे और उन्होंने भगवान् श्रीकृष्ण तथा बलरामजीसे युद्ध किया॥ ६॥
बाणार्थे भगवान् रुद्रः ससुतैः प्रमथैर्वृतः।
आरुह्य नन्दिवृषभं युयुधे रामकृष्णयोः॥ ६
बाणासुरकी ओरसे साक्षात् भगवान् शंकर वृषभराज नन्दीपर सवार होकर अपने पुत्र कार्तिकेय और गणोंके साथ रणभूमिमें पधारे और उन्होंने भगवान् श्रीकृष्ण तथा बलरामजीसे युद्ध किया॥ ६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.63.6 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 530) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/63/6/