श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.63.6

दशम स्कन्ध · अध्याय 63 · अथ त्रिषष्टितमोऽध्यायः

बाणार्थे भगवान् रुद्रः ससुतैः प्रमथैर्वृतः।

आरुह्य नन्दिवृषभं युयुधे रामकृष्णयोः॥ ६

bāṇārthe bhagavān rudraḥ sasutaiḥ pramathairvṛtaḥ|

āruhya nandivṛṣabhaṃ yuyudhe rāmakṛṣṇayoḥ|| 6

अर्थ

बाणासुरकी ओरसे साक्षात् भगवान् शंकर वृषभराज नन्दीपर सवार होकर अपने पुत्र कार्तिकेय और गणोंके साथ रणभूमिमें पधारे और उन्होंने भगवान् श्रीकृष्ण तथा बलरामजीसे युद्ध किया॥ ६॥

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