भगवान् श्रीकृष्णके आक्रमणका समाचार पाकर महारथी पौण्ड्रक भी दो अक्षौहिणी सेनाके साथ शीघ्र ही नगरसे बाहर निकल आया॥ ११॥✎ 1700
पौण्ड्रकोऽपि तदुद्योगमुपलभ्य महारथः।
अक्षौहिणीभ्यां संयुक्तो निश्चक्राम पुराद् द्रुतम्॥ ११
भगवान् श्रीकृष्णके आक्रमणका समाचार पाकर महारथी पौण्ड्रक भी दो अक्षौहिणी सेनाके साथ शीघ्र ही नगरसे बाहर निकल आया॥ ११॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.66.11 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 547) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/66/11/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)