श्रीशुकदेवजी कहते हैं—परीक्षित्! जाम्बवतीनन्दन साम्ब अकेले ही बहुत बड़े-बड़े वीरोंपर विजय प्राप्त करनेवाले थे। वे स्वयंवरमें स्थित दुर्योधनकी कन्या लक्ष्मणाको हर लाये॥ १॥✎ 1701
दुर्योधनसुतां राजन् लक्ष्मणां समितिंजयः।
स्वयंवरस्थामहरत् साम्बो जाम्बवतीसुतः॥ १
श्रीशुकदेवजी कहते हैं—परीक्षित्! जाम्बवतीनन्दन साम्ब अकेले ही बहुत बड़े-बड़े वीरोंपर विजय प्राप्त करनेवाले थे। वे स्वयंवरमें स्थित दुर्योधनकी कन्या लक्ष्मणाको हर लाये॥ १॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.68.1 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 554) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/68/1/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)