श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.73.24

दशम स्कन्ध · अध्याय 73 · अथ त्रिसप्ततितमोऽध्यायः

श्रीशुक उवाच

इत्यादिश्य नृपान् कृष्णो भगवान् भुवनेश्‍वरः।

तेषां न्ययुंक्त पुरुषान् स्त्रियो मज्जनकर्मणि॥ २४

ityādiśya nṛpān kṛṣṇo bhagavān bhuvaneśvaraḥ|

teṣāṃ nyayuṃkta puruṣān striyo majjanakarmaṇi|| 24

अर्थ

श्रीशुकदेवजी कहते हैं—परीक्षित्! भुवनेश्‍वर भगवान् श्रीकृष्णने राजाओंको यह आदेश देकर उन्हें स्नान आदि करानेके लिये बहुत-से स्त्री-पुरुष नियुक्त कर दिये॥ २४॥

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