श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.79.9

दशम स्कन्ध · अध्याय 79 · अथैकोनाशीतितमोऽध्यायः

अथ तैरभ्यनुज्ञातः कौशिकीमेत्य ब्राह्मणैः।

स्नात्वा सरोवरमगाद् यतः सरयुरास्रवत्॥ ९

atha tairabhyanujñātaḥ kauśikīmetya brāhmaṇaiḥ|

snātvā sarovaramagād yataḥ sarayurāsravat|| 9

अर्थ

तदनन्तर नैमिषारण्यवासी ऋषियोंसे विदा होकर उनके आज्ञानुसार बलरामजी ब्राह्मणोंके साथ कौशिकी नदीके तटपर आये। वहाँ स्नान करके वे उस सरोवरपर गये, जहाँसे सरयू नदी निकली है॥ ९॥

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