॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 10.82.41
भगवांस्तास्तथाभूता विविक्त उपसंगतः।
आश्लिष्यानामयं पृष्ट्वा प्रहसन्निदमब्रवीत्॥ ४१
bhagavāṃstāstathābhūtā vivikta upasaṃgataḥ|
āśliṣyānāmayaṃ pṛṣṭvā prahasannidamabravīt|| 41
अर्थ
जब भगवान् श्रीकृष्णने देखा कि गोपियाँ मुझसे तादात्म्यको प्राप्त—एक हो रही हैं, तब वे एकान्तमें उनके पास गये, उनको हृदयसे लगाया, कुशल-मंगल पूछा और हँसते हुए यों बोले—॥ ४१॥