श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.85.11

दशम स्कन्ध · अध्याय 85 · अथ पञ्चाशीतितमोऽध्यायः

भूतानामसि भूतादिरिन्द्रियाणां च तैजसः।

वैकारिको विकल्पानां प्रधानमनुशायिनाम्॥ ११

bhūtānāmasi bhūtādirindriyāṇāṃ ca taijasaḥ|

vaikāriko vikalpānāṃ pradhānamanuśāyinām|| 11

अर्थ

भूतोंमें उनका कारण तामस अहंकार, इन्द्रियोंमें उनका कारण तैजस अहंकार और इन्द्रियोंके अधिष्ठातृ-देवताओंमें उनका कारण सात्त्विक अहंकार तथा जीवोंके आवागमनका कारण माया भी तुम्हीं हो॥ ११॥

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