श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.89.39

दशम स्कन्ध · अध्याय 89 · अथैकोननवतितमोऽध्यायः

ततः कुमारः संजातो विप्रपत्‍न्या रुदन् मुहुः।

सद्योऽदर्शनमापेदे सशरीरो विहायसा॥ ३९

tataḥ kumāraḥ saṃjāto viprapatnyā rudan muhuḥ|

sadyo'darśanamāpede saśarīro vihāyasā|| 39

अर्थ

इसके बाद ब्राह्मणीके गर्भसे एक शिशु पैदा हुआ, जो बार-बार रो रहा था। परन्तु देखते-ही-देखते वह सशरीर आकाशमें अन्तर्धान हो गया॥ ३९॥

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