श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.90.32

दशम स्कन्ध · अध्याय 90 · अथ नवतितमोऽध्यायः

तेषामुद्दामवीर्याणामष्टादश महारथाः।

आसन्‍नुदारयशसस्तेषां नामानि मे शृणु॥ ३२

teṣāmuddāmavīryāṇāmaṣṭādaśa mahārathāḥ|

āsannudārayaśasasteṣāṃ nāmāni me śṛṇu|| 32

अर्थ

भगवान्‌के परम पराक्रमी पुत्रोंमें अठारह तो महारथी थे, जिनका यश सारे जगत‍्में फैला हुआ था। उनके नाम मुझसे सुनो॥ ३२॥

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