भगवान्के परम पराक्रमी पुत्रोंमें अठारह तो महारथी थे, जिनका यश सारे जगत्में फैला हुआ था। उनके नाम मुझसे सुनो॥ ३२॥
तेषामुद्दामवीर्याणामष्टादश महारथाः।
आसन्नुदारयशसस्तेषां नामानि मे शृणु॥ ३२
भगवान्के परम पराक्रमी पुत्रोंमें अठारह तो महारथी थे, जिनका यश सारे जगत्में फैला हुआ था। उनके नाम मुझसे सुनो॥ ३२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.90.32 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 706) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/90/32/