उद्धवजीने कहा—श्रीकृष्ण! आपने जिस समय जिस रूपसे, सनकादि परमर्षियोंको योगका आदेश दिया था, उस रूपको मैं जानना चाहता हूँ॥ १५॥
यदा त्वं सनकादिभ्यो येन रूपेण केशव।
योगमादिष्टवानेतद् रूपमिच्छामि वेदितुम्॥ १५
उद्धवजीने कहा—श्रीकृष्ण! आपने जिस समय जिस रूपसे, सनकादि परमर्षियोंको योगका आदेश दिया था, उस रूपको मैं जानना चाहता हूँ॥ १५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 11.13.15 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 793) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/11/13/15/