स्त्रियाँ, बच्चे और बूढ़े यहाँसे शंखोद्धारक्षेत्रमें चले जायँ और हमलोग प्रभासक्षेत्रमें चलें। आप सब जानते हैं कि वहाँ सरस्वती पश्चिमकी ओर बहकर समुद्रमें जा मिली हैं॥ ६॥
स्त्रियो बालाश्च वृद्धाश्च शंखोद्धारं व्रजन्त्वितः।
वयं प्रभासं यास्यामो यत्र प्रत्यक् सरस्वती॥ ६
स्त्रियाँ, बच्चे और बूढ़े यहाँसे शंखोद्धारक्षेत्रमें चले जायँ और हमलोग प्रभासक्षेत्रमें चलें। आप सब जानते हैं कि वहाँ सरस्वती पश्चिमकी ओर बहकर समुद्रमें जा मिली हैं॥ ६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 11.30.6 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 898) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/11/30/6/