तब उनकी छोटी भार्या अपने गर्भसे उत्पन्न हुए दोनों बालक अपनी सौतको सौंपकर स्वयं सती होकर पतिलोकको चली गयी॥ ७॥✎ 446
अथ यवीयसी द्विजसती स्वगर्भजातं मिथुनं सपत्न्या उपन्यस्य स्वयमनुसंस्थया पतिलोकमगात्॥ ७॥
तब उनकी छोटी भार्या अपने गर्भसे उत्पन्न हुए दोनों बालक अपनी सौतको सौंपकर स्वयं सती होकर पतिलोकको चली गयी॥ ७॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 5.9.7 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 612) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/5/9/7/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)
#446 शब्दोंके बीचका स्थान: कालभगवान् ने → कालभगवान्ने