॥ श्रीहरिः ॥
तेन देवगणाः सर्वे वृत्रविस्फोटनेन वै।
निपेतुर्मूर्च्छिता भूमौ यथैवाशनिना हताः॥ ७
tena devagaṇāḥ sarve vṛtravisphoṭanena vai|
nipeturmūrcchitā bhūmau yathaivāśaninā hatāḥ|| 7
अर्थ
वृत्रासुरकी भयानक गर्जनासे सब-के-सब देवता मूर्च्छित होकर पृथ्वीपर गिर पड़े, मानो उनपर बिजली गिर गयी हो॥ ७॥
तेन देवगणाः सर्वे वृत्रविस्फोटनेन वै।
निपेतुर्मूर्च्छिता भूमौ यथैवाशनिना हताः॥ ७
वृत्रासुरकी भयानक गर्जनासे सब-के-सब देवता मूर्च्छित होकर पृथ्वीपर गिर पड़े, मानो उनपर बिजली गिर गयी हो॥ ७॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 6.11.7 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 757) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/6/11/7/