श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 6.16.29

षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 16 · अथ षोडशोऽध्यायः

ततः कतिपयाहोभिर्विद्ययेद्धमनोगतिः।

जगाम देवदेवस्य शेषस्य चरणान्तिकम्॥ २९

tataḥ katipayāhobhirvidyayeddhamanogatiḥ|

jagāma devadevasya śeṣasya caraṇāntikam|| 29

अर्थ

इसके बाद कुछ ही दिनोंमें इस विद्याके प्रभावसे उनका मन और भी शुद्ध हो गया। अब वे देवाधिदेव भगवान् शेषजीके चरणोंके समीप पहुँच गये॥ २९॥

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