तुमने मुझसे पूछा था कि वृत्रासुरका दैत्ययोनिमें जन्म क्यों हुआ और उसे भगवान्की ऐसी भक्ति कैसे प्राप्त हुई। उसका पूरा-पूरा विवरण मैंने तुम्हें सुना दिया॥ ३९॥✎ 549
एतत्ते सर्वमाख्यातं यन्मां त्वं परिपृच्छसि।
वृत्रस्यासुरजातेश्च कारणं भगवन्मतेः॥ ३९
तुमने मुझसे पूछा था कि वृत्रासुरका दैत्ययोनिमें जन्म क्यों हुआ और उसे भगवान्की ऐसी भक्ति कैसे प्राप्त हुई। उसका पूरा-पूरा विवरण मैंने तुम्हें सुना दिया॥ ३९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 6.17.39 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 791) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/6/17/39/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)