प्रिय परीक्षित्! अब मैं कश्यपजीकी दूसरी पत्नी दितिसे उत्पन्न होनेवाली उस सन्तानपरम्पराका वर्णन सुनाता हूँ, जिसमें भगवान्के प्यारे भक्त श्रीप्रह्लादजी और बलिका जन्म हुआ॥ १०॥
अथ कश्यपदायादान् दैतेयान् कीर्तयामि ते।
यत्र भागवतः श्रीमान् प्रह्रादो बलिरेव च॥ १०
प्रिय परीक्षित्! अब मैं कश्यपजीकी दूसरी पत्नी दितिसे उत्पन्न होनेवाली उस सन्तानपरम्पराका वर्णन सुनाता हूँ, जिसमें भगवान्के प्यारे भक्त श्रीप्रह्लादजी और बलिका जन्म हुआ॥ १०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 6.18.10 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 792) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/6/18/10/