श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 6.18.10

षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 18 · अथाष्टादशोऽध्यायः

अथ कश्यपदायादान् दैतेयान् कीर्तयामि ते।

यत्र भागवतः श्रीमान् प्रह्रादो बलिरेव च॥ १०

atha kaśyapadāyādān daiteyān kīrtayāmi te|

yatra bhāgavataḥ śrīmān prahrādo balireva ca|| 10

अर्थ

प्रिय परीक्षित्! अब मैं कश्यपजीकी दूसरी पत्‍नी दितिसे उत्पन्‍न होनेवाली उस सन्तानपरम्पराका वर्णन सुनाता हूँ, जिसमें भगवान्‌के प्यारे भक्त श्रीप्रह्लादजी और बलिका जन्म हुआ॥ १०॥

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