श्रीशुकदेवजीने कहा—परीक्षित्! जब भगवान्के पार्षदोंने यमदूतोंका प्रयत्न विफल कर दिया, तब उन लोगोंने संयमनीपुरीके स्वामी एवं अपने शासक यमराजके पास जाकर निवेदन किया॥ ३॥
भगवत्पुरुषै राजन् याम्याः प्रतिहतोद्यमाः।
पतिं विज्ञापयामासुर्यमं संयमनीपतिम्॥ ३
श्रीशुकदेवजीने कहा—परीक्षित्! जब भगवान्के पार्षदोंने यमदूतोंका प्रयत्न विफल कर दिया, तब उन लोगोंने संयमनीपुरीके स्वामी एवं अपने शासक यमराजके पास जाकर निवेदन किया॥ ३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 6.3.3 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 712) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/6/3/3/