श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 6.8.22

षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 8 · अथाष्टमोऽध्यायः

श्रीवत्सधामापररात्र ईशः

प्रत्यूष ईशोऽसिधरो जनार्दनः।

दामोदरोऽव्यादनुसन्ध्यं प्रभाते

विश्वेश्‍वरो भगवान् कालमूर्तिः॥ २२

śrīvatsadhāmāpararātra īśaḥ

pratyūṣa īśo'sidharo janārdanaḥ|

dāmodaro'vyādanusandhyaṃ prabhāte

viśveśvaro bhagavān kālamūrtiḥ|| 22

अर्थ

रात्रिके पिछले प्रहरमें श्रीवत्सलांछन श्रीहरि, उषाकालमें खड्गधारी भगवान् जनार्दन, सूर्योदयसे पूर्व श्रीदामोदर और सम्पूर्ण सन्ध्याओंमें कालमूर्ति भगवान् विश्वेश्‍वर मेरी रक्षा करें॥ २२॥

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