श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 7.8.16

सप्तम स्कन्ध · अध्याय 8 · अथाष्टमोऽध्यायः

तदैव तस्मिन् निनदोऽतिभीषणो

बभूव येनाण्डकटाहमस्फुटत्।

यं वै स्वधिष्ण्योपगतं त्वजादयः

श्रुत्वा स्वधामाप्ययमङ्ग मेनिरे॥ १६

tadaiva tasmin ninado'tibhīṣaṇo

babhūva yenāṇḍakaṭāhamasphuṭat|

yaṃ vai svadhiṣṇyopagataṃ tvajādayaḥ

śrutvā svadhāmāpyayamaṅga menire|| 16

अर्थ

उसी समय उस खंभेमें एक बड़ा भयंकर शब्द हुआ। ऐसा जान पड़ा मानो यह ब्रह्माण्ड ही फट गया हो। वह ध्वनि जब लोकपालोंके लोकमें पहुँची, तब उसे सुनकर ब्रह्मादिको ऐसा जान पड़ा, मानो उनके लोकोंका प्रलय हो रहा हो॥ १६॥

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