teṣāṃ naḥ puṇyakīrtīnāṃ sarveṣāṃ vada vikramān|| 5
अर्थ
वैवस्वत मनुके वंशमें जो हो चुके हों, इस समय विद्यमान हों और आगे होनेवाले हों—उन सब पवित्रकीर्ति पुरुषोंके पराक्रमका वर्णन कीजिये॥ ५॥
ये भूता ये भविष्याश्च भवन्त्यद्यतनाश्च ये।
तेषां नः पुण्यकीर्तीनां सर्वेषां वद विक्रमान्॥ ५
वैवस्वत मनुके वंशमें जो हो चुके हों, इस समय विद्यमान हों और आगे होनेवाले हों—उन सब पवित्रकीर्ति पुरुषोंके पराक्रमका वर्णन कीजिये॥ ५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.1.5 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 7) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/9/1/5/