madhyamastu madhucchandā madhucchandasa eva te|| 29
अर्थ
परीक्षित्! विश्वामित्रजीके सौ पुत्र थे। उनमें बिचले पुत्रका नाम था मधुच्छन्दा। इसलिये सभी पुत्र ‘मधुच्छन्दा’ के ही नामसे विख्यात हुए॥ २९॥
विश्वामित्रस्य चैवासन् पुत्रा एकशतं नृप।
मध्यमस्तु मधुच्छन्दा मधुच्छन्दस एव ते॥ २९
परीक्षित्! विश्वामित्रजीके सौ पुत्र थे। उनमें बिचले पुत्रका नाम था मधुच्छन्दा। इसलिये सभी पुत्र ‘मधुच्छन्दा’ के ही नामसे विख्यात हुए॥ २९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.16.29 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 83) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/9/16/29/