श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.17.7

नवम स्कन्ध · अध्याय 17 · अथ सप्तदशोऽध्यायः

षष्टिवर्षसहस्राणि षष्टिवर्षशतानि च।

नालर्कादपरो राजन्१ मेदिनीं बुभुजे युवा॥ ७

ṣaṣṭivarṣasahasrāṇi ṣaṣṭivarṣaśatāni ca|

nālarkādaparo rājan medinīṃ bubhuje yuvā|| 7

अर्थ

परीक्षित्! अलर्कके सिवा और किसी राजाने छाछठ हजार (६६,०००) वर्षतक युवा रहकर पृथ्वीका राज्य नहीं भोगा॥ ७॥

टिप्पणियाँ

  1. १

    राजा।

    (मुद्रित पृष्ठ 84)

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