श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.21.20

नवम स्कन्ध · अध्याय 21 · अथैकविंशोऽध्यायः

पुष्करारुणिरित्यत्र ये ब्राह्मणगतिं गताः।

बृहत्क्षत्रस्य पुत्रोऽभूद्धस्ती यद्धस्तिनापुरम्॥ २०

puṣkarāruṇirityatra ye brāhmaṇagatiṃ gatāḥ|

bṛhatkṣatrasya putro'bhūddhastī yaddhastināpuram|| 20

अर्थ

मन्युपुत्र गर्गसे शिनि और शिनिसे गार्ग्यका जन्म हुआ। यद्यपि गार्ग्य क्षत्रिय था, फिर भी उससे ब्राह्मणवंश चला। महावीर्यका पुत्र था दुरितक्षय। दुरितक्षयके तीन पुत्र हुए—त्रय्यारुणि, कवि और पुष्करारुणि। ये तीनों ब्राह्मण हो गये। बृहत्क्षत्रका पुत्र हुआ हस्ती, उसीने हस्तिनापुर बसाया था॥ १९-२०॥

यह अर्थ श्लोक 19–20 का एक साथ है, जैसा मुद्रित ग्रन्थमें।

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