श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.21.23

नवम स्कन्ध · अध्याय 21 · अथैकविंशोऽध्यायः

तत्सुतो विशदस्तस्य सेनजित् समजायत।

रुचिराश्‍वो दृढहनुः काश्यो वत्सश्‍च तत्सुताः॥ २३

tatsuto viśadastasya senajit samajāyata|

rucirāśvo dṛḍhahanuḥ kāśyo vatsaśca tatsutāḥ|| 23

अर्थ

जयद्रथका पुत्र हुआ विशद और विशदका सेनजित्। सेनजित्के चार पुत्र हुए—रुचिराश्‍व, दृढहनु, काश्य और वत्स॥ २३॥

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