हृदीकसे तीन पुत्र हुए—देवबाहु, शतधन्वा और कृतवर्मा। देवमीढके पुत्र शूरकी पत्नीका नाम था मारिषा॥ २७॥
देवबाहुः शतधनुः कृतवर्मेति तत्सुताः।
देवमीढस्य शूरस्य मारिषा नाम पत्न्यभूत्॥ २७
हृदीकसे तीन पुत्र हुए—देवबाहु, शतधन्वा और कृतवर्मा। देवमीढके पुत्र शूरकी पत्नीका नाम था मारिषा॥ २७॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.24.27 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 114) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/24/27/