सुतां दत्त्वानवद्यांगीं बलाय बलशालिने।
बदर्याख्यं गतो राजा तप्तुं नारायणाश्रमम्॥ ३६
राजा ककुद्मीने अपनी सर्वांगसुन्दरी पुत्री परम बलशाली बलरामजीको सौंप दी और स्वयं तपस्या करनेके लिये भगवान् नर-नारायणके आश्रम बदरीवनकी ओर चल दिये॥ ३६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.3.36 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 18) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/3/36/