स्यान्नौ ते पितरि प्रश्नः पृष्टवान् पितरं तथा॥ ७
mamedamṛṣibhirdattamiti tarhi sma mānavaḥ|
syānnau te pitari praśnaḥ pṛṣṭavān pitaraṃ tathā|| 7
अर्थ
नाभागने कहा—‘ऋषियोंने यह धन मुझे दिया है, इसलिये मेरा है।’ इसपर उस पुरुषने कहा—‘हमारे विवादके विषयमें तुम्हारे पितासे ही प्रश्न किया जाय।’ तब नाभागने जाकर पितासे पूछा॥ ७॥
ममेदमृषिभिर्दत्तमिति तर्हि स्म मानवः।
स्यान्नौ ते पितरि प्रश्नः पृष्टवान् पितरं तथा॥ ७
नाभागने कहा—‘ऋषियोंने यह धन मुझे दिया है, इसलिये मेरा है।’ इसपर उस पुरुषने कहा—‘हमारे विवादके विषयमें तुम्हारे पितासे ही प्रश्न किया जाय।’ तब नाभागने जाकर पितासे पूछा॥ ७॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.4.7 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 19) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/9/4/7/