श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.6.13

नवम स्कन्ध · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

कृतान्त आसीत् समरो देवानां सह दानवैः।

पार्ष्णिग्राहो वृतो वीरो देवैर्दैत्यपराजितैः॥ १३

kṛtānta āsīt samaro devānāṃ saha dānavaiḥ|

pārṣṇigrāho vṛto vīro devairdaityaparājitaiḥ|| 13

अर्थ

सत्ययुगके अन्तमें देवताओंका दानवोंके साथ घोर संग्राम हुआ था। उसमें सब-के-सब देवता दैत्योंसे हार गये। तब उन्होंने वीर पुरंजयको सहायताके लिये अपना मित्र बनाया॥ १३॥

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