परीक्षित्! उनसे छोटे पचीस पुत्र आर्यावर्तके पूर्वभागके और पचीस पश्चिमभागके तथा उपर्युक्त तीन मध्यभागके अधिपति हुए। शेष सैंतालीस दक्षिण आदि अन्य प्रान्तोंके अधिपति हुए॥ ५॥
तेषां पुरस्तादभवन्नार्यावर्ते नृपा नृप।
पंचविंशतिः पश्चाच्च त्रयो मध्ये परेऽन्यतः॥ ५
परीक्षित्! उनसे छोटे पचीस पुत्र आर्यावर्तके पूर्वभागके और पचीस पश्चिमभागके तथा उपर्युक्त तीन मध्यभागके अधिपति हुए। शेष सैंतालीस दक्षिण आदि अन्य प्रान्तोंके अधिपति हुए॥ ५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.6.5 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 32) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/9/6/5/