राजा पुरुकुत्सका पुत्र त्रसद्दस्यु था। उसके पुत्र हुए अनरण्य। अनरण्यके हर्यश्व, उसके अरुण और अरुणके त्रिबन्धन हुए॥ ४॥
त्रसद्दस्युः पौरुकुत्सो योऽनरण्यस्य देहकृत्।
हर्यश्वस्तत्सुतस्तस्मादरुणोऽथ त्रिबन्धनः॥ ४
राजा पुरुकुत्सका पुत्र त्रसद्दस्यु था। उसके पुत्र हुए अनरण्य। अनरण्यके हर्यश्व, उसके अरुण और अरुणके त्रिबन्धन हुए॥ ४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.7.4 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 38) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/9/7/4/