॥ श्रीहरिः ॥
द्वितीय-खण्डके अन्तमें: पाठके विभिन्न प्रयोग, स्तोत्र और आरती
श्रीमद्भागवत-पाठके विभिन्न प्रयोग१
भागवत-महिमा
श्लोकार्द्धं श्लोकपादं वा नित्यं भागवतं पठेत्।
यः पुमान् सोऽपि संसारान्मुच्यते किमुताखिलात्॥
आधा श्लोक या चौथाई श्लोकका भी नित्य जो मनुष्य पाठ करता है, उसकी भी संसारसे मुक्ति हो जाती है; फिर सम्पूर्ण पाठ करनेवालेकी तो बात ही क्या है।
एषा बुद्धिमतां बुद्धिर्यद् भागवतमादरात्।
नित्यं पठेद् यथाशक्ति यतः स्यात् संसृतिक्षयः॥
बुद्धिमानोंकी बुद्धिमत्ता यही है कि संसारभयनाशक श्रीमद्भागवतका आदरपूर्वक यथाशक्ति पाठ करे।
अशक्तो नित्य पठने मासे वर्षेऽपि वैकदा।
पालयन् नियमान् भक्त्या श्रीमद्भागवतं पठेत्॥
यदि नित्य पाठ न कर सकता हो तो महीने या वर्षमें एक बार नियमपूर्वक भक्तिसहित भागवतका पाठ अवश्य करना चाहिये।
एकाहे नैव शक्तस्तु द्व्यहेनाथ त्र्यहेण वा।✎ 2158
पंचभिर्दिवसैः षड्भिः सप्तभिर्वा पठेत् पुमान्॥
दशाहेनाथ पक्षेण मासेन ऋतुनापि वा।
पठेद् भागवतं यस्तु भुक्तिं मुक्तिं स विन्दते॥
जो एक दिनमें पाठ न कर सकता हो वह दो, तीन, पाँच, छः, सात, दस, पंद्रह, तीस या साठ दिनमें श्रीमद्भागवतका पाठ करे। इससे भोग एवं मोक्ष दोनोंकी प्राप्ति होती है।
एषोऽप्यत्युत्तमः पक्षः सप्ताहो बहुसम्मतः।
श्रीवासुदेवप्रीत्यर्थं पठतः पुंस आदरात्॥
सर्वे पक्षाः सन्ति तुल्या विशेषो नास्ति कश्चन।
विशेषोऽस्ति सकामानां कामनाफलभेदतः॥
बहुत-से ऋषियोंने सप्ताहपारायणका भी उत्तम पक्ष माना है। केवल भगवान्की प्रीतिके लिये सम्पूर्ण पक्ष बराबर हैं। कोई न्यूनाधिक नहीं हैं। फल चाहनेवालोंके लिये फलभेदसे पारायणभेद कहा गया है।✎ 1794
(१) निष्कामपारायण भगवत्प्रीत्यर्थ
पाठकर्ता ब्राह्मण १ या ५, पारायण-संख्या १०० या १०८
विशेष नियम—करानेवाला फलाहार या हविष्य भोजन करे।
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
३ |
२० |
४९ |
२ |
५ |
२३ |
६७ |
३ |
७ |
१५* |
३७ |
४ |
९ |
२४* |
४८ |
५ |
१० |
१२ |
१२ |
६ |
१० |
८२ |
७० |
७ |
१२ |
१३* |
५२ |
(२) सप्ताहपारायण (सात दिनका)
निष्कामपारायण भगवत्प्रीत्यर्थ
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
३ |
२० |
४९ |
२ |
५ |
२३ |
६७ |
३ |
७ |
१५* |
३७ |
४ |
९ |
२४* |
४८ |
५ |
१० |
४२ |
४२ |
६ |
१० |
९०* |
४८ |
७ |
१२ |
१३* |
४४ |
(३) सप्ताहपारायण (सात दिनका)
मोक्षप्राप्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
३ |
१८ |
४७ |
२ |
५ |
८ |
५४ |
३ |
८ |
७ |
५९ |
४ |
१० |
३ |
४४ |
५ |
१० |
५३ |
५० |
६ |
११ |
९ |
४६ |
७ |
१२ |
१३* |
३५ |
(४) आरम्भ किये हुए कार्यमें विघ्ननाशके लिये
पाठकर्ता ब्राह्मण ९, पारायण-संख्या १४०
विशेष नियम—प्रतिदिन चतुर्थ स्कन्धके उन्नीसवें अध्याय (पृथुविजय) का पाठ, पाठके आरम्भ एवं समाप्तिमें करना चाहिये।
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
३ |
१९ |
४८ |
२ |
५ |
६ |
५१ |
३ |
७ |
१० |
४९ |
४ |
९ |
२४* |
५३ |
५ |
१० |
४९÷ |
४९ |
६ |
१० |
९०* |
४१ |
७ |
१२ |
१३* |
४४ |
(५) सप्ताहपारायण (सात दिनका)
विघ्ननाशके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
३ |
१९ |
४८ |
२ |
५ |
१६ |
६१ |
३ |
७ |
१० |
३९ |
४ |
९ |
२४* |
५३ |
५ |
१० |
४९÷ |
४९ |
६ |
१० |
९०* |
४१ |
७ |
१२ |
१३* |
४४ |
(६) सप्ताहपारायण (सात दिनका)
धनप्राप्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
४ |
९ |
७१ |
२ |
६ |
१३ |
६१ |
३ |
९ |
७ |
५२ |
४ |
१० |
३४ |
५१ |
५ |
१० |
७३ |
३९ |
६ |
१० |
९०* |
१७ |
७ |
१२ |
१३* |
४४ |
(७) सप्ताहपारायणके प्रयोग (सात दिनके)
बान्धवपीडानिवृत्ति और संकटनाशके लिये
पाठकर्ता ब्राह्मण ४, पारायण-संख्या १९६
विशेष नियम—प्रतिदिन पाठके आरम्भ एवं समाप्तिमें षष्ठ स्कन्धकी देवस्तुति (अ० ९, श्लो० ३१—४५) का पाठ करना चाहिये। पाठविधि—
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
२ |
१०* |
२९ |
२ |
४ |
३१* |
६४ |
३ |
६ |
१९* |
४५ |
४ |
८ |
२४* |
३९ |
५ |
१० |
४९÷ |
७३ |
६ |
११ |
३१* |
७२ |
७ |
१२ |
१३* |
१३ |
(८) कैदसे छुड़ानेके लिये
पाठकर्ता ब्राह्मण ७, पारायण-संख्या १४३
विशेष नियम—प्रतिदिन पाठके आरम्भ एवं अन्तमें दशम स्कन्धके १०। २९; १९। ९; २५। १३; २७। १९; ४९। ११ और ७०। २५—इन ६ श्लोकोंका पाठ करना चाहिये।
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
३ |
३३* |
६२ |
२ |
५ |
२६* |
५७ |
३ |
७ |
१५* |
३४ |
४ |
९ |
२४* |
४८ |
५ |
१० |
९०* |
९० |
६ |
११ |
३१* |
३१ |
७ |
१२ |
१३* |
१३ |
(९) शत्रुपराजयके लिये
पाठकर्ता ब्राह्मण ६, पारायण-संख्या १९४
विशेष नियम—प्रतिदिन पाठके प्रारम्भ एवं समाप्तिमें अष्टम स्कन्धके ‘यज्ञेश यज्ञपुरुष’ (अ० १७, श्लो० ८) आदि ३ श्लोकोंका पाठ करे।
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
३ |
१९ |
४८ |
२ |
५ |
१५ |
६० |
३ |
७ |
१५* |
४५ |
४ |
१० |
१२ |
६० |
५ |
१० |
८४ |
७२ |
६ |
११ |
३१* |
३७ |
७ |
१२ |
१३* |
१३ |
(१०) रोगमुक्तिके लिये
पाठकर्ता ब्राह्मण ३, पारायण-संख्या १५७
विशेष नियम—प्रतिदिन प्रत्येक अध्यायके आरम्भमें पंचम स्कन्धके नारसिंह मन्त्र (अ० १८, श्लो० ८) का पाठ करे।
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
३ |
२० |
४९ |
२ |
५ |
६ |
५० |
३ |
६ |
१९* |
३९ |
४ |
९ |
२० |
५९ |
५ |
१० |
३५ |
३९ |
६ |
१० |
८५ |
५० |
७ |
१२ |
१३* |
४९ |
(११) पुत्र और स्त्रीप्राप्तिके लिये
पाठकर्ता ब्राह्मण ५, पारायण-संख्या १४५
विशेष नियम—प्रतिदिन प्रत्येक अध्यायके आरम्भ एवं अन्तमें पंचम स्कन्धके काममन्त्र (अ० १८, श्लो० १८) का पाठ करे।
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
३ |
२४ |
५३ |
२ |
५ |
३ |
४३ |
३ |
७ |
८ |
५० |
४ |
१० |
४ |
५९ |
५ |
१० |
५५ |
५१ |
६ |
११ |
६ |
४१ |
७ |
१२ |
१३* |
३८ |
(१२) निष्कण्टक राज्यके लिये
पाठकर्ता ब्राह्मण १०, पारायण-संख्या १९८
विशेष नियम—प्रतिदिन पाठके आरम्भ एवं समाप्तिमें चतुर्थ स्कन्धकी ध्रुवस्तुति (अ० ९) का पाठ करे।
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
४ |
९ |
७१ |
२ |
६ |
१३ |
६१ |
३ |
९ |
७ |
५२ |
४ |
१० |
३४ |
५१ |
५ |
१० |
७३ |
३९ |
६ |
१० |
९०* |
१७ |
७ |
१२ |
१३* |
४४ |
(१३) एकाहपारायण (एक दिनका)
हरिप्रेमप्राप्ति
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
१२ |
१३* |
३३५ |
(१४) द्व्यहपारायण (दो दिनका)
पराभक्ति-प्राप्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
९ |
१३ |
१९० |
२ |
१२ |
१३* |
१४५ |
(१५) द्व्यहपारायण (दो दिनका)
योग-सिद्धिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
७ |
१५* |
१५३ |
२ |
१२ |
१३* |
१८२ |
(१६) द्व्यहपारायण (दो दिनका)
चित्तनिवृत्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
८ |
१६ |
१६९ |
२ |
१२ |
१३* |
१६६ |
(१७) त्र्यहपारायण (तीन दिनका)✎ 2159
मोक्षप्राप्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
५ |
८ |
१०१ |
२ |
१० |
१२ |
११२ |
३ |
१२ |
१३* |
१२२ |
(१८) त्र्यहपारायण (तीन दिनका)✎ 2160
ऐश्वर्य-प्राप्ति, संसार-बन्धन-मुक्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
७ |
१५* |
१५३ |
२ |
१० |
९०* |
१३८ |
३ |
१२ |
१३* |
४४ |
(१९) चतुरहपारायण (चार दिनका)
संकट-निवारणके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
४ |
१८ |
८० |
२ |
६ |
१९* |
५८ |
३ |
१० |
५१ |
११४ |
४ |
१२ |
१३* |
८३ |
(२०) चतुरहपारायण (चार दिनका)
सब प्रकारकी कामनाओंकी सिद्धिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
४ |
१८ |
८० |
२ |
८ |
७ |
८० |
३ |
१० |
५२ |
९३ |
४ |
१२ |
१३* |
८२ |
(२१) चतुरहपारायण (चार दिनका)
पापनाशके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
४ |
२६ |
८८ |
२ |
८ |
१९ |
८४ |
३ |
१० |
५३ |
८२ |
४ |
१२ |
१३* |
८१ |
(२२) चतुरहपारायण (चार दिनका)
सद्धर्मकी प्राप्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
४ |
१९ |
८१ |
२ |
८ |
१४ |
८६ |
३ |
१० |
५१ |
८५ |
४ |
१२ |
१३* |
८३ |
(२३) पंचाहपारायण (पाँच दिनका)
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
४ |
४ |
६६ |
२ |
६ |
१५ |
६८ |
३ |
९ |
२१ |
६४ |
४ |
१० |
६४ |
६७ |
५ |
१२ |
१३* |
७० |
(२४) पंचाहपारायण (पाँच दिनका)
सकल कामनाप्राप्तिके लिये
पाठकर्ता ब्राह्मण ९, पारायण-संख्या २४२
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
४ |
७ |
६९ |
२ |
६ |
१९* |
६९ |
३ |
९ |
२४* |
६३ |
४ |
१० |
६९ |
६९ |
५ |
१२ |
१३* |
६५ |
(२५) षडहपारायण (छः दिनका)
धनप्राप्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
४ |
९ |
७१ |
२ |
६ |
१३ |
६१ |
३ |
९ |
७ |
५२ |
४ |
१० |
३४ |
५१ |
५ |
१० |
९०* |
५६ |
६ |
१२ |
१३* |
४४ |
(२६) षडहपारायण (छः दिनका)
धनलाभ, कृत्यानाश, उत्पात-शान्तिके लिये
पाठकर्ता ब्राह्मण ४, पारायण-संख्या १४४
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
३ |
३२ |
६१ |
२ |
५ |
१४ |
४६ |
३ |
८ |
२४* |
७० |
४ |
१० |
४९÷ |
७३ |
५ |
११ |
२९ |
७० |
६ |
१२ |
१३* |
१५ |
(२७) अष्टाहपारायण (आठ दिनका)
दरिद्रता नष्ट करनेके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
३ |
१५ |
४४ |
२ |
४ |
२१ |
३९ |
३ |
६ |
७ |
४३ |
४ |
८ |
२१ |
४८ |
५ |
१० |
२३ |
५० |
६ |
१० |
५१ |
२८ |
७ |
११ |
३ |
४२ |
८ |
१२ |
१३* |
४१ |
(२८) अष्टाहपारायण (आठ दिनका)
रोगसे छुटकारा पानेके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
३ |
२० |
४९ |
२ |
५ |
६ |
५० |
३ |
६ |
१९* |
३९ |
४ |
९ |
२० |
५९ |
५ |
१० |
३५ |
३९ |
६ |
१० |
८५ |
५० |
७ |
११ |
६ |
११ |
८ |
१२ |
१३* |
३८ |
(२९) अष्टाहपारायण (आठ दिनका)
भयनिवृत्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
३ |
९ |
३८ |
२ |
४ |
१६ |
४० |
३ |
६ |
१ |
४२ |
४ |
८ |
१० |
४३ |
५ |
१० |
१ |
३९ |
६ |
१० |
४२ |
४१ |
७ |
१० |
९०* |
४८ |
८ |
१२ |
१३* |
४४ |
(३०) अष्टाहपारायण (आठ दिनका)
अकाल मृत्युसे बचनेके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
३ |
८ |
३७ |
२ |
४ |
८ |
३३ |
३ |
५ |
२४ |
४७ |
४ |
८ |
९ |
४५ |
५ |
१० |
१० |
४९ |
६ |
१० |
५६ |
४६ |
७ |
११ |
९ |
४३ |
८ |
१२ |
१३* |
३५ |
(३१) नवाहपारायण (नौ दिनका)
सुयशप्राप्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
३ |
१० |
३९ |
२ |
४ |
२ |
२५ |
३ |
५ |
२० |
४९ |
४ |
७ |
१२ |
३७ |
५ |
९ |
८ |
३५ |
६ |
१० |
२० |
३६ |
७ |
१० |
६० |
४० |
८ |
११ |
८ |
३८ |
९ |
१२ |
१३* |
३६ |
(३२) नवाहपारायण (नौ दिनका)
कन्याप्राप्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
३ |
६ |
३५ |
२ |
४ |
११ |
३८ |
३ |
५ |
१६ |
३६ |
४ |
७ |
११ |
४० |
५ |
९ |
६ |
३४ |
६ |
१० |
२१ |
३९ |
७ |
१० |
५८ |
३७ |
८ |
११ |
९ |
४१ |
९ |
१२ |
१३* |
३५ |
(३३) दशाहपारायण (दस दिनका)
ज्ञानप्राप्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
३ |
६ |
३५ |
२ |
४ |
७ |
३४ |
३ |
५ |
९ |
३३ |
४ |
६ |
१९* |
३६ |
५ |
८ |
२४* |
३९ |
६ |
१० |
११ |
३५ |
७ |
१० |
४५ |
३४ |
८ |
१० |
७९ |
३४ |
९ |
११ |
२३ |
३४ |
१० |
१२ |
१३* |
२१ |
(३४) एकादशाहपारायण (ग्यारह दिनका)
मनोकामनाकी सिद्धिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
१ |
१८ |
१८ |
२ |
३ |
२२ |
३३ |
३ |
४ |
२१ |
३२ |
४ |
५ |
२१ |
३१ |
५ |
७ |
८ |
३२ |
६ |
९ |
३ |
३४ |
७ |
१० |
११ |
३२ |
८ |
१० |
४८ |
३७ |
९ |
१० |
८१ |
३३ |
१० |
११ |
२३ |
३२ |
११ |
१२ |
१३* |
२१ |
(३५) द्वादशाहपारायण (बारह दिनका)
शान्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
२ |
३ |
२२ |
२ |
३ |
२२ |
२९ |
३ |
४ |
१६ |
२७ |
४ |
५ |
९ |
२४ |
५ |
६ |
१८ |
३५ |
६ |
८ |
१७ |
३३ |
७ |
९ |
२१ |
२८ |
८ |
१० |
२३ |
२६ |
९ |
१० |
४८ |
२५ |
१० |
१० |
८० |
३२ |
११ |
११ |
२५ |
३५ |
१२ |
१२ |
१३* |
१९ |
(३६) त्रयोदशाहपारायण (तेरह दिनका)
ऋणसे छुटकारा पानेके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
२ |
२ |
२१ |
२ |
३ |
२० |
२८ |
३ |
४ |
१३ |
२६ |
४ |
५ |
५ |
२३ |
५ |
६ |
१३ |
३४ |
६ |
८ |
११ |
३२ |
७ |
९ |
१४ |
२७ |
८ |
१० |
१५ |
२५ |
९ |
१० |
३९ |
२४ |
१० |
१० |
७० |
३१ |
११ |
११ |
१४ |
३४ |
१२ |
१२ |
१ |
१८ |
१३ |
१२ |
१३* |
१२ |
(३७) चतुर्दशाहपारायण (चौदह दिनका)
सब प्रकारकी आपत्तियोंसे छुटकारा पानेके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
२ |
६ |
२५ |
२ |
३ |
२० |
२४ |
३ |
४ |
१२ |
२५ |
४ |
५ |
५ |
२४ |
५ |
६ |
२ |
२३ |
६ |
७ |
९ |
२६ |
७ |
८ |
१८ |
२४ |
८ |
९ |
१६ |
२२ |
९ |
१० |
१८ |
२६ |
१० |
१० |
४१ |
२३ |
११ |
१० |
६७ |
२६ |
१२ |
११ |
२ |
२५ |
१३ |
११ |
२३ |
२१ |
१४ |
१२ |
१३* |
२१ |
(३८) पक्षपारायण (पंद्रह दिनका)
पक्ष, मास और ऋतुपारायण प्रतिपद् तिथिसे ही प्रारम्भ किया जाय—यह नियम नहीं है। केवल दिन-संख्याका नियम है।
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
२ |
४ |
२३ |
२ |
३ |
१९ |
२५ |
३ |
४ |
२२ |
३६ |
४ |
५ |
१६ |
२५ |
५ |
६ |
१३ |
२३ |
६ |
८ |
२ |
२३ |
७ |
८ |
२४* |
२२ |
८ |
९ |
२३ |
२३ |
९ |
१० |
२४ |
२५ |
१० |
१० |
४८ |
२४ |
११ |
१० |
६८ |
२० |
१२ |
१० |
८९ |
२१ |
१३ |
११ |
६ |
७ |
१४ |
१२ |
५ |
३० |
१५ |
१२ |
१३* |
८ |
(३९) पंचदशाहपारायण (पंद्रह दिनका)
सब प्रकारकी कामनाकी सिद्धिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
२ |
२ |
२१ |
२ |
३ |
१५ |
२३ |
३ |
४ |
४ |
२२ |
४ |
४ |
२७ |
२३ |
५ |
५ |
१८ |
२२ |
६ |
६ |
१५ |
२३ |
७ |
८ |
५ |
२४ |
८ |
९ |
६ |
२५ |
९ |
१० |
४ |
२२ |
१० |
१० |
२६ |
२२ |
११ |
१० |
४९÷ |
२३ |
१२ |
१० |
७० |
२१ |
१३ |
११ |
२ |
२२ |
१४ |
११ |
२५ |
२३ |
१५ |
१२ |
१३* |
१९ |
(४०) षोडशाहपारायण (सोलह दिनका)
बाधाओंकी शान्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
१ |
१८ |
१८ |
२ |
३ |
१३ |
२४ |
३ |
३ |
२९ |
१६ |
४ |
४ |
१९ |
२३ |
५ |
५ |
५ |
१७ |
६ |
६ |
५ |
२६ |
७ |
७ |
८ |
२२ |
८ |
८ |
१८ |
२५ |
९ |
९ |
१४ |
२० |
१० |
१० |
१७ |
२७ |
११ |
१० |
३८ |
२१ |
१२ |
१० |
५२ |
१४ |
१३ |
१० |
८१ |
२९ |
१४ |
११ |
१० |
१९ |
१५ |
१२ |
१ |
२२ |
१६ |
१२ |
१३* |
१२ |
(४१) सप्तदशाहपारायण (सत्रह दिनका)
आनन्दवृद्धिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
२ |
४ |
२३ |
२ |
३ |
११ |
१७ |
३ |
३ |
२६ |
१५ |
४ |
४ |
१५ |
२२ |
५ |
४ |
३१* |
१६ |
६ |
५ |
२५ |
२५ |
७ |
७ |
१ |
२१ |
८ |
८ |
१० |
२४ |
९ |
९ |
५ |
१९ |
१० |
१० |
७ |
२६ |
११ |
१० |
२७ |
२० |
१२ |
१० |
४० |
१३ |
१३ |
१० |
६८ |
२८ |
१४ |
१० |
८६ |
१८ |
१५ |
११ |
१७ |
२१ |
१६ |
१२ |
२ |
१६ |
१७ |
१२ |
१३* |
११ |
(४२) अष्टादशाहपारायण (अठारह दिनका)
भगवान्की प्राप्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
१ |
१६ |
१६ |
२ |
३ |
८ |
२१ |
३ |
३ |
२१ |
१३ |
४ |
४ |
८ |
२० |
५ |
४ |
२३ |
१५ |
६ |
५ |
१३ |
२१ |
७ |
६ |
१ |
१४ |
८ |
७ |
२ |
२० |
९ |
८ |
६ |
१९ |
१० |
९ |
४ |
२२ |
११ |
९ |
२४* |
२० |
१२ |
१० |
१८ |
१८ |
१३ |
१० |
४० |
२२ |
१४ |
१० |
५९ |
१९ |
१५ |
१० |
७३ |
१४ |
१६ |
११ |
७ |
२४ |
१७ |
११ |
२५ |
१८ |
१८ |
१२ |
१३* |
१९ |
(४३) ऊनविंशत्यहपारायण (उन्नीस दिनका)
विजयप्राप्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
१ |
१५ |
१५ |
२ |
३ |
५ |
१९ |
३ |
३ |
१७ |
१२ |
४ |
४ |
४ |
२० |
५ |
४ |
२३ |
१९ |
६ |
५ |
६ |
१४ |
७ |
५ |
२६* |
२० |
८ |
६ |
१३ |
१३ |
९ |
७ |
१३ |
१९ |
१० |
८ |
१६ |
१८ |
११ |
९ |
१३ |
२१ |
१२ |
१० |
८ |
१९ |
१३ |
१० |
२५ |
१७ |
१४ |
१० |
४६ |
२१ |
१५ |
१० |
६४ |
१८ |
१६ |
१० |
७७ |
१३ |
१७ |
११ |
१० |
२३ |
१८ |
११ |
२८ |
१८ |
१९ |
१२ |
१३* |
१६ |
(४४) विंशाहपारायण (बीस दिनका)
इष्टसिद्धिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
१ |
१३ |
१३ |
२ |
३ |
३ |
१९ |
३ |
३ |
१४ |
११ |
४ |
३ |
३२ |
१८ |
५ |
४ |
११ |
१२ |
६ |
५ |
१ |
२१ |
७ |
५ |
१८ |
१७ |
८ |
६ |
१२ |
२० |
९ |
७ |
८ |
१५ |
१० |
८ |
१५ |
२२ |
११ |
९ |
७ |
१६ |
१२ |
९ |
१६ |
९ |
१३ |
१० |
१६ |
२४ |
१४ |
१० |
३० |
१४ |
१५ |
१० |
४० |
१० |
१६ |
१० |
६३ |
२३ |
१७ |
१० |
८८ |
२५ |
१८ |
११ |
६ |
८ |
१९ |
१२ |
२ |
२७ |
२० |
१२ |
१३* |
११ |
(४५) एकविंशत्यहपारायण (इक्कीस दिनका)
सब प्रकारके उपद्रवोंकी शान्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
१ |
१२ |
१२ |
२ |
३ |
१ |
१८ |
३ |
३ |
११ |
१० |
४ |
३ |
२८ |
१७ |
५ |
४ |
६ |
११ |
६ |
४ |
२६ |
२० |
७ |
५ |
११ |
१६ |
८ |
६ |
४ |
१९ |
९ |
६ |
१८ |
१४ |
१० |
८ |
५ |
२१ |
११ |
८ |
२० |
१५ |
१२ |
९ |
४ |
८ |
१३ |
१० |
३ |
२३ |
१४ |
१० |
१६ |
१३ |
१५ |
१० |
२५ |
९ |
१६ |
१० |
४७ |
२२ |
१७ |
१० |
७१ |
२४ |
१८ |
११ |
२ |
२१ |
१९ |
११ |
२७ |
२५ |
२० |
१२ |
३ |
७ |
२१ |
१२ |
१३* |
१० |
(४६) द्वाविंशत्यहपारायण (बाईस दिनका)
ज्ञानप्राप्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
१ |
११ |
११ |
२ |
२ |
९ |
१७ |
३ |
३ |
९ |
१० |
४ |
३ |
२५ |
१६ |
५ |
४ |
१० |
१८ |
६ |
४ |
१८ |
८ |
७ |
५ |
३ |
१६ |
८ |
५ |
१६ |
१३ |
९ |
६ |
९ |
१९ |
१० |
७ |
४ |
१४ |
११ |
८ |
१० |
२१ |
१२ |
८ |
२२ |
१२ |
१३ |
९ |
१८ |
२० |
१४ |
१० |
१ |
७ |
१५ |
१० |
२४ |
२३ |
१६ |
१० |
३३ |
९ |
१७ |
१० |
५४ |
२१ |
१८ |
१० |
७८ |
२४ |
१९ |
११ |
८ |
२० |
२० |
११ |
१७ |
९ |
२१ |
१२ |
२ |
१६ |
२२ |
१२ |
१३* |
११ |
(४७) त्रयोविंशत्यहपारायण (तेईस दिनका)
पापनाशके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
१ |
१० |
१० |
२ |
२ |
७ |
१६ |
३ |
३ |
५ |
८ |
४ |
३ |
२० |
१५ |
५ |
३ |
२९ |
९ |
६ |
४ |
१४ |
१८ |
७ |
४ |
२८ |
१४ |
८ |
५ |
१४ |
१७ |
९ |
५ |
२५ |
११ |
१० |
६ |
१८ |
१९ |
११ |
७ |
१२ |
१३ |
१२ |
८ |
६ |
९ |
१३ |
९ |
३ |
२१ |
१४ |
९ |
१४ |
११ |
१५ |
९ |
२१ |
७ |
१६ |
१० |
१७ |
२० |
१७ |
१० |
३९ |
२२ |
१८ |
१० |
५८ |
१९ |
१९ |
१० |
८१ |
२३ |
२० |
१० |
८९ |
८ |
२१ |
११ |
९ |
१० |
२२ |
११ |
२४ |
१५ |
२३ |
१२ |
१३* |
२० |
(४८) चतुर्विंशत्यहपारायण (चौबीस दिनका)
साम्राज्यकी प्राप्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
१ |
११ |
११ |
२ |
२ |
९ |
१७ |
३ |
३ |
१८ |
१९ |
४ |
३ |
३२ |
१४ |
५ |
४ |
८ |
९ |
६ |
४ |
१५ |
७ |
७ |
४ |
२६ |
११ |
८ |
५ |
१३ |
१८ |
९ |
६ |
८ |
२१ |
१० |
७ |
८ |
१९ |
११ |
८ |
३ |
१० |
१२ |
८ |
२३ |
२० |
१३ |
९ |
७ |
८ |
१४ |
१० |
५ |
२२ |
१५ |
१० |
१३ |
८ |
१६ |
१० |
२३ |
१० |
१७ |
१० |
३९ |
१६ |
१८ |
१० |
५९ |
२० |
१९ |
१० |
७६ |
१७ |
२० |
१० |
८४ |
८ |
२१ |
११ |
८ |
१४ |
२२ |
११ |
२० |
१२ |
२३ |
१२ |
४ |
१५ |
२४ |
१२ |
१३* |
९ |
(४९) पंचविंशत्यहपारायण (पच्चीस दिनका)
सब प्रकारकी बाधाओंकी शान्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
१ |
८ |
८ |
२ |
१ |
१९* |
११ |
३ |
३ |
४ |
१४ |
४ |
३ |
११ |
७ |
५ |
३ |
२४ |
१३ |
६ |
४ |
१० |
१९ |
७ |
४ |
२५ |
१५ |
८ |
५ |
११ |
१७ |
९ |
५ |
२० |
९ |
१० |
६ |
२ |
८ |
११ |
६ |
१३ |
११ |
१२ |
७ |
१३ |
१९ |
१३ |
८ |
९ |
११ |
१४ |
८ |
१८ |
९ |
१५ |
९ |
९ |
१५ |
१६ |
९ |
१६ |
७ |
१७ |
१० |
४ |
१२ |
१८ |
१० |
२२ |
१८ |
१९ |
१० |
३७ |
१५ |
२० |
१० |
५४ |
१७ |
२१ |
१० |
६२ |
८ |
२२ |
१० |
७५ |
१३ |
२३ |
११ |
३ |
१८ |
२४ |
११ |
२० |
१७ |
२५ |
१२ |
१३* |
२४ |
(५०) षड्विंशत्यहपारायण (छब्बीस दिनका)
त्रिलोकीके मंगलके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
१ |
१५ |
१५ |
२ |
२ |
७ |
११ |
३ |
३ |
१३ |
१६ |
४ |
३ |
२५ |
१२ |
५ |
३ |
३२ |
७ |
६ |
४ |
१२ |
१३ |
७ |
५ |
१ |
२० |
८ |
५ |
१२ |
११ |
९ |
५ |
२५ |
१३ |
१० |
६ |
९ |
१० |
११ |
७ |
४ |
१४ |
१२ |
७ |
१३ |
९ |
१३ |
८ |
११ |
१३ |
१४ |
८ |
२२ |
११ |
१५ |
९ |
१६ |
१८ |
१६ |
१० |
७ |
१५ |
१७ |
१० |
१९ |
१२ |
१८ |
१० |
३५ |
१६ |
१९ |
१० |
४८ |
१३ |
२० |
१० |
५९ |
११ |
२१ |
१० |
७२ |
१३ |
२२ |
१० |
८४ |
१२ |
२३ |
११ |
१० |
१६ |
२४ |
११ |
२१ |
११ |
२५ |
१२ |
२ |
१२ |
२६ |
१२ |
१३* |
११ |
(५१) सप्तविंशत्यहपारायण (सत्ताईस दिनका)
सबमें एकीभावकी प्राप्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
१ |
१८ |
१८ |
२ |
२ |
९ |
१० |
३ |
३ |
१३ |
१४ |
४ |
३ |
२० |
७ |
५ |
३ |
३३* |
१३ |
६ |
४ |
१६ |
१६ |
७ |
४ |
२८ |
१२ |
८ |
५ |
१२ |
१५ |
९ |
५ |
२३ |
११ |
१० |
६ |
६ |
९ |
११ |
६ |
१७ |
११ |
१२ |
७ |
८ |
१० |
१३ |
८ |
५ |
१२ |
१४ |
८ |
२२ |
१७ |
१५ |
९ |
८ |
१० |
१६ |
९ |
२४* |
१६ |
१७ |
१० |
९ |
९ |
१८ |
१० |
२२ |
१३ |
१९ |
१० |
३८ |
१६ |
२० |
१० |
४६ |
८ |
२१ |
१० |
६५ |
१९ |
२२ |
१० |
८० |
१५ |
२३ |
१० |
९०* |
१० |
२४ |
११ |
८ |
८ |
२५ |
११ |
२३ |
१५ |
२६ |
१२ |
२ |
१० |
२७ |
१२ |
१३* |
११ |
(५२) अष्टाविंशत्यहपारायण (अट्ठाईस दिनका)
किसीको वशमें करनेके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
१ |
७ |
७ |
२ |
१ |
१८ |
११ |
३ |
३ |
१ |
१२ |
४ |
३ |
१५ |
१४ |
५ |
३ |
२३ |
८ |
६ |
४ |
३ |
१३ |
७ |
४ |
१८ |
१५ |
८ |
४ |
२४ |
६ |
९ |
५ |
६ |
१३ |
१० |
५ |
१३ |
७ |
११ |
५ |
२३ |
१० |
१२ |
६ |
१६ |
१९ |
१३ |
७ |
१३ |
१६ |
१४ |
८ |
१३ |
१५ |
१५ |
९ |
४ |
१५ |
१६ |
९ |
१३ |
९ |
१७ |
१० |
१ |
१२ |
१८ |
१० |
१५ |
१४ |
१९ |
१० |
३२ |
१७ |
२० |
१० |
४६ |
१४ |
२१ |
१० |
५४ |
८ |
२२ |
१० |
६५ |
११ |
२३ |
१० |
८५ |
२० |
२४ |
११ |
८ |
१३ |
२५ |
११ |
१५ |
७ |
२६ |
११ |
२७ |
१२ |
२७ |
१२ |
४ |
८ |
२८ |
१२ |
१३* |
९ |
(५३) ऊनत्रिंशदहपारायण (उन्तीस दिनका)
विद्या-प्राप्तिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
१ |
५ |
५ |
२ |
१ |
१६ |
११ |
३ |
२ |
१०* |
१३ |
४ |
३ |
१२ |
१२ |
५ |
३ |
२३ |
११ |
६ |
३ |
३० |
७ |
७ |
४ |
८ |
११ |
८ |
४ |
२२ |
१४ |
९ |
५ |
१ |
१० |
१० |
५ |
१२ |
११ |
११ |
५ |
१८ |
६ |
१२ |
६ |
६ |
१४ |
१३ |
६ |
१८ |
१२ |
१४ |
७ |
१० |
११ |
१५ |
८ |
८ |
१३ |
१६ |
८ |
१७ |
९ |
१७ |
९ |
५ |
१२ |
१८ |
९ |
१६ |
११ |
१९ |
१० |
४ |
१२ |
२० |
१० |
१५ |
११ |
२१ |
१० |
२८ |
१३ |
२२ |
१० |
४४ |
१६ |
२३ |
१० |
५६ |
१२ |
२४ |
१० |
६६ |
१० |
२५ |
१० |
७७ |
११ |
२६ |
११ |
१ |
१४ |
२७ |
११ |
१४ |
१३ |
२८ |
११ |
३० |
१६ |
२९ |
१२ |
१३* |
१४ |
(५४) मासपारायण (महीनेभरका)
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
१ |
११ |
११ |
२ |
१ |
१९* |
८ |
३ |
२ |
१०* |
१० |
४ |
३ |
१२ |
१२ |
५ |
३ |
२४ |
१२ |
६ |
३ |
३३* |
९ |
७ |
४ |
१२ |
१२ |
८ |
४ |
२३ |
११ |
९ |
४ |
३१* |
८ |
१० |
५ |
१४ |
१४ |
११ |
५ |
२६* |
१२ |
१२ |
६ |
१२ |
१२ |
१३ |
७ |
५ |
१२ |
१४ |
७ |
१५* |
१० |
१५ |
८ |
१२ |
१२ |
१६ |
८ |
२४* |
१२ |
१७ |
९ |
१३ |
१३ |
१८ |
९ |
२४* |
११ |
१९ |
१० |
११ |
११ |
२० |
१० |
२१ |
१० |
२१ |
१० |
३३ |
१२ |
२२ |
१० |
४५ |
१२ |
२३ |
१० |
५७ |
१२ |
२४ |
१० |
६९ |
१२ |
२५ |
१० |
७९ |
१० |
२६ |
१० |
९०* |
११ |
२७ |
११ |
१३ |
१३ |
२८ |
११ |
२६ |
१३ |
२९ |
१२ |
५ |
१० |
३० |
१२ |
१३* |
८ |
(५५) मासपारायण (महीनेभरका)
भक्तिप्रद
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
१ |
५ |
५ |
२ |
१ |
१६ |
११ |
३ |
२ |
९ |
१२ |
४ |
३ |
१० |
११ |
५ |
३ |
२३ |
१३ |
६ |
४ |
१ |
११ |
७ |
४ |
८ |
७ |
८ |
४ |
२२ |
१४ |
९ |
५ |
१ |
१० |
१० |
५ |
१२ |
११ |
११ |
५ |
२१ |
९ |
१२ |
६ |
६ |
११ |
१३ |
६ |
१८ |
१२ |
१४ |
७ |
१० |
११ |
१५ |
८ |
८ |
१३ |
१६ |
८ |
१७ |
९ |
१७ |
९ |
५ |
१२ |
१८ |
९ |
१६ |
११ |
१९ |
१० |
३ |
११ |
२० |
१० |
१५ |
१२ |
२१ |
१० |
२८ |
१३ |
२२ |
१० |
४४ |
१६ |
२३ |
१० |
५६ |
१२ |
२४ |
१० |
७० |
१४ |
२५ |
१० |
८१ |
११ |
२६ |
११ |
१ |
१० |
२७ |
११ |
१४ |
१३ |
२८ |
११ |
२८ |
१४ |
२९ |
१२ |
७ |
१० |
३० |
१२ |
१३* |
६ |
(५६) मासपारायण (महीनेभरका)
समस्त कामनाओंकी सिद्धिके लिये
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
१ |
११ |
११ |
२ |
२ |
२ |
१० |
३ |
३ |
२ |
१० |
४ |
३ |
१२ |
१० |
५ |
३ |
२३ |
११ |
६ |
४ |
९ |
१९ |
७ |
४ |
२० |
११ |
८ |
४ |
२२ |
२ |
९ |
५ |
१ |
१० |
१० |
५ |
१० |
९ |
११ |
५ |
२० |
१० |
१२ |
६ |
९ |
१५ |
१३ |
६ |
१६ |
७ |
१४ |
७ |
७ |
१० |
१५ |
८ |
१ |
९ |
१६ |
८ |
१५ |
१४ |
१७ |
९ |
४ |
१३ |
१८ |
९ |
१० |
६ |
१९ |
१० |
६ |
२० |
२० |
१० |
१७ |
११ |
२१ |
१० |
३० |
१३ |
२२ |
१० |
४२ |
१२ |
२३ |
१० |
५४ |
१२ |
२४ |
१० |
६५ |
११ |
२५ |
१० |
७८ |
१३ |
२६ |
१० |
८७ |
९ |
२७ |
११ |
९ |
१२ |
२८ |
११ |
२१ |
१२ |
२९ |
१२ |
२ |
१२ |
३० |
१२ |
१३* |
११ |
(५७) ऋतुपारायण (दो महीनेका)
दिन |
विश्रामस्थल-स्कन्ध |
अध्याय |
योग अध्याय |
१ |
१ |
६ |
६ |
२ |
१ |
११ |
५ |
३ |
१ |
१५ |
४ |
४ |
१ |
१९* |
४ |
५ |
२ |
६ |
६ |
६ |
२ |
१०* |
४ |
७ |
३ |
६ |
६ |
८ |
३ |
११ |
५ |
९ |
३ |
१६ |
५ |
१० |
३ |
२० |
४ |
११ |
३ |
२४ |
४ |
१२ |
३ |
२८ |
४ |
१३ |
३ |
३३* |
५ |
१४ |
४ |
७ |
७ |
१५ |
४ |
१२ |
५ |
१६ |
४ |
१८ |
६ |
१७ |
४ |
२४ |
६ |
१८ |
४ |
३१* |
७ |
१९ |
५ |
६ |
६ |
२० |
५ |
११ |
५ |
२१ |
५ |
१५ |
४ |
२२ |
५ |
२० |
५ |
२३ |
५ |
२६* |
६ |
२४ |
६ |
७ |
७ |
२५ |
६ |
१३ |
६ |
२६ |
६ |
१९* |
६ |
२७ |
७ |
५ |
५ |
२८ |
७ |
१० |
५ |
२९ |
७ |
१५* |
५ |
३० |
८ |
४ |
४ |
३१ |
८ |
९ |
५ |
३२ |
८ |
१४ |
५ |
३३ |
८ |
१८ |
४ |
३४ |
८ |
२४* |
६ |
३५ |
९ |
५ |
५ |
३६ |
९ |
१२ |
७ |
३७ |
९ |
१७ |
५ |
३८ |
९ |
२४* |
७ |
३९ |
१० |
६ |
६ |
४० |
१० |
११ |
५ |
४१ |
१० |
१७ |
६ |
४२ |
१० |
२३ |
६ |
४३ |
१० |
२८ |
५ |
४४ |
१० |
३३ |
५ |
४५ |
१० |
३८ |
५ |
४६ |
१० |
४४ |
६ |
४७ |
१० |
४९÷ |
५ |
४८ |
१० |
५५ |
६ |
४९ |
१० |
६१ |
६ |
५० |
१० |
६८ |
७ |
५१ |
१० |
७५ |
७ |
५२ |
१० |
८१ |
६ |
५३ |
१० |
८८ |
७ |
५४ |
११ |
५ |
७ |
५५ |
११ |
११ |
६ |
५६ |
११ |
१८ |
७ |
५७ |
११ |
२३ |
५ |
५८ |
११ |
२९ |
६ |
५९ |
१२ |
५ |
७ |
६० |
१२ |
१३* |
८ |
ऐसा माना जाता है कि निम्नलिखित स्कन्धोंके निम्नलिखित अध्यायोंपर विश्राम नहीं करना चाहिये। ऐसा करनेवालोंके प्रयोग सिद्ध नहीं होंगे।
स्कन्ध |
अध्याय |
१ |
१, ८, १०, ११, १६ |
२ |
३, ८ |
३ |
१, ७, १०, १८, २०, २३ |
४ |
१, ३, १०, १७, १८ |
५ |
५, १३ |
६ |
६, १० |
७ |
१, ४, ६ |
८ |
१, २, ८, १०, २१ |
९ |
१, ४, १०, १५ |
१० |
१, ९, १०, २२, २९, ३०, ६२, ७६, ७७ |
११ |
१०, २२, ३० |
१२ |
९ |
|
॥ श्रीहरिः॥ श्रीगोविन्ददामोदरस्तोत्रम्करारविन्देन पदारविन्दं मुखारविन्दे विनिवेशयन्तम्। वटस्य पत्रस्य पुटे शयानं बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि॥ १ ॥ श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे, हे नाथ नारायण वासुदेव। जिह्वे पिबस्वामृतमेतदेव गोविन्द दामोदर माधवेति॥ २ ॥ विक्रेतुकामाखिलगोपकन्या मुरारिपादार्पितचित्तवृत्तिः। दध्यादिकं मोहवशादवोचद् गोविन्द दामोदर माधवेति॥ ३ ॥ गृहे गृहे गोपवधू-कदम्बाः सर्वे मिलित्वा समवाप्य योगम्। पुण्यानि नामानि पठन्ति नित्यं गोविन्द दामोदर माधवेति॥ ४ ॥ सुखं शयाना निलये निजेऽपि नामानि विष्णोः प्रवदन्ति मर्त्याः। ते निश्चितं तन्मयतां व्रजन्ति गोविन्द दामोदर माधवेति॥ ५ ॥ जिह्वे सदैवं भज सुन्दराणि नामानि कृष्णस्य मनोहराणि। समस्त-भक्तार्ति-विनाशनानि गोविन्द दामोदर माधवेति॥ ६ ॥ सुखावसाने इदमेव सारं दुःखावसाने इदमेव ज्ञेयम्। देहावसाने इदमेव जाप्यं गोविन्द दामोदर माधवेति॥ ७ ॥ जिह्वे रसज्ञे मधुर-प्रिये त्वं सत्यं हितं त्वां परमं वदामि। आवर्णयेथा मधुराक्षराणि गोविन्द दामोदर माधवेति॥ ८ ॥ त्वामेव याचे मम देहि जिह्वे समागते दण्डधरे कृतान्ते। वक्तव्यमेवं मधुरं सुभक्त्या गोविन्द दामोदर माधवेति॥ ९ ॥ श्रीकृष्ण राधावर गोकुलेश गोपाल गोवर्धन नाथ विष्णो। जिह्वे पिबस्वामृतमेतदेव गोविन्द दामोदर माधवेति॥१०॥
|
|
॥ श्रीहरिः॥ श्रीमद्भागवतकी आरतीआरति अतिपावन पुरानकी। धर्म-भक्ति-विज्ञान-खानकी॥ टेक ॥ महापुरान भागवत निरमल। शुक-मुख-विगलित निगम-कल्प-फल। परमानन्द-सुधा-रसमय कल। लीला-रति-रस रस-निधानकी॥ आरति०॥ कलि-मल-मथनि त्रिताप-निवारिनि। जन्म-मृत्युमय भव-भय-हारिनि। सेवत सतत सकल सुखकारिनि। सुमहौषधि हरि-चरित-गानकी॥ आरति०॥ विषय-विलास-विमोह-विनाशिनि । विमल विराग विवेक विकाशिनि। भगवत्-तत्त्व-रहस्य-प्रकाशिनि । परम ज्योति परमात्म-ज्ञानकी॥ आरति०॥ परमहंस-मुनि-मन-उल्लासिनि । रसिक-हृदय रस-रास-विलासिनि। भुक्ति,मुक्ति,रतिप्रेम-सुदासिनि । कथा अकिंचनप्रिय सुजानकी॥ आरति०॥
|
टिप्पणियाँ
- १
(भागवतांकमें प्रकाशित ‘श्रीमद्भागवतकी अनुष्ठान-विधि’ शीर्षक दो लेखोंके आधारपर।)
- *
यह चिह्न स्कन्धकी समाप्ति और ÷ यह चिह्न दशमस्कन्धके पूर्वार्धकी समाप्तिका है।