श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.1.24

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

सूत उवाच

अत्र ते कीर्तयिष्यामि भक्तियुक्तं कथानकम्।

शुकेन मम यत्प्रोक्तं रहः शिष्यं विचार्य च॥ २४

atra te kīrtayiṣyāmi bhaktiyuktaṃ kathānakam|

śukena mama yatproktaṃ rahaḥ śiṣyaṃ vicārya ca|| 24

अर्थ

सूतजीने कहा—अब मैं तुम्हें वह भक्तिपूर्ण कथानक सुनाता हूँ, जो श्रीशुकदेवजीने मुझे अपना अनन्य शिष्य जानकर एकान्तमें सुनाया था॥ २४॥

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