॥ श्रीहरिः ॥
विप्रैर्भागवती वार्ता गेहे गेहे जने जने।
कारिता कणलोभेन कथासारस्ततो गतः॥ ७१
viprairbhāgavatī vārtā gehe gehe jane jane|
kāritā kaṇalobhena kathāsārastato gataḥ|| 71
अर्थ
ब्राह्मण केवल अन्न-धनादिके लोभवश घर-घर एवं जन-जनको भागवतकी कथा सुनाने लगे हैं, इसलिये कथाका सार चला गया॥ ७१॥
विप्रैर्भागवती वार्ता गेहे गेहे जने जने।
कारिता कणलोभेन कथासारस्ततो गतः॥ ७१
ब्राह्मण केवल अन्न-धनादिके लोभवश घर-घर एवं जन-जनको भागवतकी कथा सुनाने लगे हैं, इसलिये कथाका सार चला गया॥ ७१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.1.71 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 39) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/mahatmya/padma/1/71/