mukhabhāge sthitāste ca tadagre nāradaḥ sthitaḥ|| 19
अर्थ
श्रोताओंमें वैष्णव, विरक्त, संन्यासी और ब्रह्मचारी लोग आगे बैठे और उन सबके आगे नारदजी विराजमान हुए॥ १९॥
वैष्णवाश्च विरक्ताश्च न्यासिनो ब्रह्मचारिणः।
मुखभागे स्थितास्ते च तदग्रे नारदः स्थितः॥ १९
श्रोताओंमें वैष्णव, विरक्त, संन्यासी और ब्रह्मचारी लोग आगे बैठे और उन सबके आगे नारदजी विराजमान हुए॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.3.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 48) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/3/19/