tvadviyogena te bhaktāḥ kathaṃ sthāsyanti bhūtale|
nirguṇopāsane kaṣṭamataḥ kiñcidvicāraya|| 59
अर्थ
फिर भला, आपका वियोग होनेपर वे भक्तजन पृथ्वीपर कैसे रह सकेंगे? निर्गुणोपासनामें तो बड़ा कष्ट है। इसलिये कुछ और विचार कीजिये॥ ५९॥✎ 12
त्वद्वियोगेन ते भक्ताः कथं स्थास्यन्ति भूतले।
निर्गुणोपासने कष्टमतः किञ्चिद्विचारय॥ ५९
फिर भला, आपका वियोग होनेपर वे भक्तजन पृथ्वीपर कैसे रह सकेंगे? निर्गुणोपासनामें तो बड़ा कष्ट है। इसलिये कुछ और विचार कीजिये॥ ५९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.3.59 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 52) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/mahatmya/padma/3/59/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)