श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.5.67

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 5 · अथ पञ्चमोऽध्यायः

एवं ब्रुवति वै तस्मिन् विमानमागमत्तदा।

वैकुण्ठवासिभिर्युक्तं प्रस्फुरद्दीप्तिमण्डलम्॥ ६७

evaṃ bruvati vai tasmin vimānamāgamattadā|

vaikuṇṭhavāsibhiryuktaṃ prasphuraddīptimaṇḍalam|| 67

अर्थ

जिस समय धुन्धुकारी ये सब बातें कह रहा था, जिसके लिये वैकुण्ठवासी पार्षदोंके सहित एक विमान उतरा; उससे सब ओर मण्डलाकार प्रकाश फैल रहा था॥ ६७॥

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