॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक PRE.5.69
गोकर्ण उवाच
अत्रैव बहवः सन्ति श्रोतारो मम निर्मलाः।
आनीतानि विमानानि न तेषां युगपत्कुतः॥ ६९
atraiva bahavaḥ santi śrotāro mama nirmalāḥ|
ānītāni vimānāni na teṣāṃ yugapatkutaḥ|| 69
अर्थ
गोकर्णने पूछा—भगवान्के प्रिय पार्षदो! यहाँ हमारे अनेकों शुद्धहृदय श्रोतागण हैं, उन सबके लिये आपलोग एक साथ बहुत-से विमान क्यों नहीं लाये? हम देखते हैं कि यहाँ सभीने समानरूपसे कथा सुनी है, फिर फलमें इस प्रकारका भेद क्यों हुआ, यह बताइये॥ ६९-७०॥