अथवा वक्ता और श्रोताको पूर्वमुख होकर बैठना चाहिये। देश-काल आदिको जाननेवाले महानुभावोंने श्रोताके लिये ऐसा ही नियम बताया है॥ १९॥✎ 1271
अथवा पूर्वदिग्ज्ञेया पूज्यपूजकमध्यतः।
श्रोतॄणामागमे प्रोक्ता देशकालादिकोविदैः॥ १९
अथवा वक्ता और श्रोताको पूर्वमुख होकर बैठना चाहिये। देश-काल आदिको जाननेवाले महानुभावोंने श्रोताके लिये ऐसा ही नियम बताया है॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.6.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 72) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/6/19/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#1271 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): ऊँचाई-पर → ऊँचाईपर