गोविन्ददेव, हरिदेव आदि नामोंसे भगवद्विग्रह स्थापित किये। इन सब शुभ कर्मोंके द्वारा वज्रनाभने अपने राज्यमें सब ओर एकमात्र श्रीकृष्णभक्तिका प्रचार किया और बड़े ही आनन्दित हुए॥ ६॥
गोविन्दहरिदेवादिस्वरूपारोपणेन च।
कृष्णैकभक्तिं स्वे राज्ये ततान च मुमोद ह॥ ६
गोविन्ददेव, हरिदेव आदि नामोंसे भगवद्विग्रह स्थापित किये। इन सब शुभ कर्मोंके द्वारा वज्रनाभने अपने राज्यमें सब ओर एकमात्र श्रीकृष्णभक्तिका प्रचार किया और बड़े ही आनन्दित हुए॥ ६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण POST.2.6 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 989) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/mahatmya/skanda/2/6/