श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.3.14

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

भारते मानवं जन्म प्राप्य भागवतं न यैः।

श्रुतं पापपराधीनैरात्मघातस्तु तैः कृतः॥ १४

bhārate mānavaṃ janma prāpya bhāgavataṃ na yaiḥ|

śrutaṃ pāpaparādhīnairātmaghātastu taiḥ kṛtaḥ|| 14

अर्थ

इस पवित्र भारतवर्षमें मनुष्यका जन्म पाकर भी जिन लोगोंने पापके अधीन होकर श्रीमद्भागवत नहीं सुना, उन्होंने मानो अपने ही हाथों अपनी हत्या कर ली॥ १४॥

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