श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.3.19

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

सांख्यायनप्रसादाप्तं श्रीमद्भागवतं पुरा।

बृहस्पतिर्दत्तवान् मे तेनाहं कृष्णवल्लभः॥ १९

sāṃkhyāyanaprasādāptaṃ śrīmadbhāgavataṃ purā|

bṛhaspatirdattavān me tenāhaṃ kṛṣṇavallabhaḥ|| 19

अर्थ

पूर्वकालमें सांख्यायनकी कृपासे श्रीमद्भागवत बृहस्पतिजीको मिला और बृहस्पतिजीने मुझे दिया; इसीसे मैं श्रीकृष्णका प्रियतम सखा हो सका हूँ॥ १९॥

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