श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 1.12.18

प्रथम स्कन्ध · अध्याय 12 · अथ द्वादशोऽध्यायः

युधिष्ठिर३ उवाच

अप्येष वंश्यान् राजर्षी४न् पुण्यश्लोकान् महात्मनः।

अनुवर्तिता स्विद्यशसा साधुवादेन सत्तमाः॥ १८

apyeṣa vaṃśyān rājarṣīn puṇyaślokān mahātmanaḥ|

anuvartitā svidyaśasā sādhuvādena sattamāḥ|| 18

अर्थ

युधिष्ठिरने कहा—महात्माओ! यह बालक क्या अपने उज्ज्वल यशसे हमारे वंशके पवित्रकीर्ति महात्मा राजर्षियोंका अनुसरण करेगा?॥ १८॥

टिप्पणियाँ

  1. ३

    प्रा० पा०—राजोवाच।

    (मुद्रित पृष्ठ 137)
  2. ४

    प्रा० पा०—राजर्षिः।

    (मुद्रित पृष्ठ 137)

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