राज्य प्राप्त हो जानेपर अपने लोकपालों-सरीखे भाइयोंके साथ राजा युधिष्ठिर वंशधर परीक्षित्को देखकर अपनी अतुल सम्पत्तिसे आनन्दित रहने लगे॥ १६॥
युधिष्ठिरो लब्धराज्यो दृष्ट्वा पौत्रं कुलंधरम्।
भ्रातृभिर्लोकपालाभैर्मुमुदे परया श्रिया॥ १६
राज्य प्राप्त हो जानेपर अपने लोकपालों-सरीखे भाइयोंके साथ राजा युधिष्ठिर वंशधर परीक्षित्को देखकर अपनी अतुल सम्पत्तिसे आनन्दित रहने लगे॥ १६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.13.16 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 141) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/1/13/16/